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विटामिन की मात्रा कैसे बढ़ाई जाये। WHAT ARE VITAMIN & MINERALS..??

        हेलो ,दोस्तों ,        कोनसे विटामिन हमारे शरीर के चाहिए और कोनसे नहीं.KYA HAI VITAMIN -MINERAL

   जैसे की हमारे शरीर में और सबके लोगोके शरीर में विटामिन की मात्रा होती हे. विटामिन हरेक हमारे शरीर को स्वथ रखता हे. और विटामिन कम होने से हमारे शरीर में बीमारी लेकर आता हे. इसलिए हमे विटामिन सभी चाहिए। पर ऐसा नहीं होता। हर किसी को कोई न कोई विटामिन कमी होती रहती हे. क्यों की हम सभी जन जानते हे विटामिन और मिनरल की बहुत जरुरी होती हे.विटामिन जटिल कर्बनिक योगिक है। जिनकी थोडीसी मात्रा ही है,हमारे शरीर की उपचय क्रिया ओ को सुचाव रूप से चलने के लिए काफी होती है। सभी का संचलन हमारे शरीर में  नही  होता।हम अपने शरीर की  आवश्यकता ओ के अनुसार विटामिन्स को भोजन से प्राप्त करे।

दोस्तों फल और सब्जिया कुदरत का दिया हुवा खजिना हे जो की हमारा पेट तो भरता ही हे इसके साथ साथ जरुरी विटामिन्स वगेरा की जरुरत होती है 'वो इनसे मिलते है और वो उसका प्रमुख शोध होते है। तो आज हम डिस्कस करने जा रहे है किसकिस सब्जी में या किसकिस खाद्य पदार्थ में क्या क्या विटामिन अवेलेबल है ताकि आपको और विटामिन्स डडफेंसिस हे उसको आप तो पूरा कर सके।

*  विटामिन A ,आपको और हड्डियों के लिए बेहद जरुरी होता हे ये हरी सब्जी यो में दूध डेरी प्रॉडक्ट शकर गंद। गाजर ,ब्लॉकली ,तरबूज ,पपीता ,अंगूर अदि में प् सकते है। और इन चीजों को सेवन करे भरपूर मात्रा में बढ़ जाएगी।इसका रसाहिनिक नाम रेटिनॉल है यह विटामिन हमारे शरीर के लिए अत्यंत आश्यकता हे इसके कमी से हमारे शरीर में रत्योधित नामक रुक हो जाता है  जिसके हलके अँधेरे में भी हमें कुछ भी दिखाई नहीं ,दिखाई  देता। और इसके कमी से हमारी जन्म  क्षमता भी कमजोर हो जाइत है।

*  विटैमिन B इसका रासायनिक नाम थाइमिन हे। वित्ततमइन बी के कई प्रकार है। जैसे बी १ ,बी २ ,बी ३ ,बी ४ ,से बरातक प्रकार है। लेकिन इसमें सबसे महत्व पूर्ण विटामिन बारा हे,जिसका रासायनिक नाम साहिनो ,कोबोअलेमिन है ,विटामिन  बी की कमी से हमारे शरीर में बेरी,बेरी नमक रोग हो जाते है जिससे हमारी त्वचा प्रभावित होती है और विटामिन बी के कमी से हमारे शरीर में खून की बी कमी हो जाती है अन्नामिना रोग बी कहते है। इन सभी रगोसे बचने के लिए जरुरी हे की हम ऐसी चीजे खाये जिनमे विटामिन बी एक संतुलित मात्रा में होता है।केला फलिया आलू जुगांधर जैसे मच्छली अण्डे सुके  मेवे दूध हरी पत्तेदार सब्जिया अनाज दाल अदि

*    विटामिन C  का रासायनिक नाम एस्कॉर्बिक एसिड है ,यह विटामिन भी हमारे लिए बहुत महत्व पूर्ण है इसकी कमी से हमें स्कर्वी नामक रोग हो जाता है मसूडोसी खून आता है। और दाँत जल्दी ही उखड जाता है। विटामिन c के कमी से हमारी हडियो भी कमजोर हो जाती है। विटामिन C के स्त्रोत निम्न है। यह कच्चो फलो ,नींबू ,संत्रा रसीले फल पालक टमाटर ,अनानस ,आंवला अदि में काफी मात्रा में मिलता  है।

*       विटामिन D का रासायनिक नाम कैल्सिफेरॉल है। यह विटामिन हमारे लिए शरीर के लिए बहुत आवश्यकता है। परन्तु इस विटामिन की अधिक मात्रा को बहार से लेने की ज्यादा जरुरत नाही है। क्योकि इस विटामिन का सश्लेषण सूर्य के प्रकाश में हमारी त्वचा खुद कर लेती हदें। इसकी कमी से रिकट्स नामक रोग हो जाता है। जिससे हमारी हडडिडया बोहोत ही कमजोर हो जाती है। व टिड्डी भी हो जाती है।  क्योकि की इस विटामिन की कमी से हमारी हड़िया रुधिर रुधिर से कैल्शियम का अवशोषण नहीं करता है। इसके स्त्रोत निम्न है। यह मच्छली के तेल अण्डा ,मखन,दूध ,घी में मिलता है।

*      विटामिन E ,रासायनिक नाम टोकोफोरोल है ,विटामिन E बी हमरे शरीर के लिए बोहत ही ज्यादा आवश्यकता है। क्योकि इसके कमी से हमारे शरीर में जनन क्षमता इसके कमी होने पर टैस्टिस के कोशिशकाये हार्मोन्स नहीं बना पाता है। जिससे हमारी जनन क्षमता कमजोर हो जाती है। इसे निम्न स्त्रोत से द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। जैसे सोयाबीन गेहू के अंकुर ,माखन ,गाजर,टमाटर,केला,मास अदि से प्राप्त किया जा सकता है।

*      विटामिन K ,विटामिन K हमारे शरीर में बोहत कम मात्रा में जरुरत होती है। वैसे ही इस विटामिन कमी होने पर र्हुदय का थक्का नहीं जम पाता और चोट लगने पर अधिक रुधिर बहने के संभावना होती है। विटामिन K,भी निम्न स्त्रोत हे जिनसे हमें प्राप्त होता है ,पत्ता गोभी ,फूल गोभी ,पालक ,चौड़ी,मेथी, हरे सब्जिया अदि में यह बहुत आदिक मात्रा में मिलता है।

विटामिन से होने वाले रोग। 

*   विटामिन A  से की कमी से होने वाले रोग। 
            रतौदी   ( शाम के समय दिखाया न देना )
                             ( NIGHT BLINDNESS )
            आखो की रोशनी कम हो जाना। 
          आखे पूरी तरह से काम न करना. 

*    विटामिन B  की कमी  से होने वाले रोग। 
          बैरिबैरी  ( BERIBERI )
        बहुत कम कार्य क्षमता 
        मॉस पेशियाँ में कमजोरी 
           नर्वस सिस्टम में खराबी 
            बोहत कमजोरी आना। 

*   विटामिन C के कमी से होने वाले रोग 
          स्कर्वी ( SCUEVY ) 
           जोडोमे दर्द
         थकान और एकाग्रता में कमी

*    विटामिन D की  होने वाले रोग
           रिकेट्स ( बच्चो में  )
              ऑस्टियोमलासिया ( बड़ो में )
     
*     विटामिन E की कमी से होने वाले रोग
          जनम क्षमता में कमी
          ( LESS FERTILITY )
  बांझपन ( SRERILITY )
   रक्तलयन ( HEMOLYSIS )
    ये बच्चो में होता है।

* विटामिन K की कमी से होने वाले रोग
      रुधिर का धक्का न बनना
           ( NON CLOTTHING OF BLOOD )

        फॉलिंग ऐसिड की कमी सेहोने वाले रोग
               दस्त लगाना ( DIARRHEA )
             जिव्हा में सूजन आना ( GLOSSITIS )
               थकान आना
           कैंसर होने की संभावना।



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