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क्या आप OVERTHINK या जरुरत से ज्यादा मन विचार तो नहीं। HEALTH -TIPS

      हेलो दोस्तों ,  आप OVERTHINK रहते हे.OVERTHINK SE KAISE BACHE.
अगर आपके दिमाग में इधर उधर के विचार ,या फालतू दिमाग विचार चलते रहते हे. तो आप उन विचारो से मुक्ति पाना जरुरी हे. अब फालतू विचारो को मरे गोली। यु तो हमरे दिमाग में कुछ ना कुछ चलता रहता हे.
अगर आप ये सोच रहे हो. की कही ये हमे कोई बीमारी तो नहीं। तो भीतर अपने दिमाग से बिलकुल निकल लीजिये। आपको हम कुछ ऐसे तरीके बताते हे. आपको जिनके जरिये के आप अपने दिमाग में आने वाले फालतू विचार रोको मुक्ति पा सकते हे.


एक्सफ्क्ट करे यानि की सीकार करने सीखे. आप सोच रहे होंगे की स्वीकार करना हे. की आप OVERTHINKER हे यानि की आप ज्यादा सोचते हे ये आपको स्वीकार करना हे. इने  मेडिकल भाषा में रियुमिनेटर कहा जाता हे. मतलब जो आप परेशानी को स्वीकार करेंगे तभी तो समस्या ओवर पायेंगेना रीयुमिनेटर हर समय सोचते रहते है किसी के भी जिंदगी का विश्लेषण करने लगते है.खुदको OVERTHINKER माने के बाद इस तरहा के बाद विश्लेषण से आप खुद को बचा सकते है। खुद को माफ़ करते रहे गलतिया किसकिसे नहीं होती ,कौन नहीं हारता कौन नहीं ,गिरता अगर आप कभी हारे है , कभी कोई गलती की है तो इसे सहजतासे  लें। इसे अपने जिंदगी की आखरी गलती न मान बैठें ,और न ही सबसे बढ़ी गलती का दर्जा दे। जिंदगी बोहोत बढ़ी है /इसमें गलतिया होना लाजिमी बात है। बेहद यही है  की यदि गलती हुई है तो खुदको माफ़ करे खुदको जिस दिन माफ़ कर देंगे। आप नोटिस करेंगे की आगे चलने मै आसानी हो रही है। मन बोजिल नहीं है और न ही अपना आकलन खुद कर रहे है।


खुद से बाटे बिलकुल ही न करे DONT TALK TO YOUR SELF.OVERTHINKER लोगो के साथ अक्सर यह समस्या होती हे. की वे जहा भी तना होते हे ना ,खुद से करने लगते हे,इसे एक्कालप कहा जाता हे. ऐसे वो अपने से  बात करते करते किसी बात के गहराही में पोहच जाते हे.और ये भूल जाते की वो अपने आप से बाटे करने लगते हे. ये बहोत बड़ी समस्या नहीं हे. और ये कोई बीमारी भी नहीं है. OVERTHINKER लोगो को नहीं चाहिए की वो खुद से बाटे करे जितनी जरूरत हो वो अपने दोस्तों से बाटे करे जितना जरूरी हो उतनी ही बाते करे. ये नहीं की आप बिना मतलब से सब्जेक्ट पे बाटे करे ही जा रहे. फालतू की बाटे करने से बचे.


आप हमेशा व्येत रहे. चलो ऐसा होता हे  हम अपने आप पर कंट्रोल नही कर पाते हे. और अगर आप खुद को सोचने से रोक नहीं प् रहे. तो बेहतर हे. खुद को किसी न किसी काम में व्यस्त रखे. किसी काम में खुद को व्यस्त रखना सही हे. बेहतर होगा की कई हाबी विकसित कर ले. आप को जो आता हे. वो डेवलप कर ले. अगर हॉबी में मन न लग रहा हो तो ट्रवेलिन को अपनी आदत का हिस्सा बनाये. वैसे भी ट्रेवलिंग न सिर्फ स्वस्थ के लिए अच्चा हे. बलकी देश दुनिया की अद्भुत जानकारी हासिल करने के शौकीनो केलिए यह बेहतरीन विकल्प हे. बहरहाल इसके और भी विकल्प हे. ,असलान टीवी देखना ,गण सुन्ना ,दोस्तों के साथ गप्पे लड़ना आदि. आप खुद को थोड़ा बिजी करदना शुरू कर दिजियए।


जरुरत से ज्यादा सोचना।

जरुरत से ज्यादा सोचना बोहत ही नुसकान दायक होता है ,आप आत्ममन्थक करना बिलकुल ही बुरा नहीं है ,लेकिन हर बात को जरुरत से ज्यादा सोचना आप के सेहद के लिए ठीक नहीं है इसीलिए अगर आप हर बात को ज्यादा सोचना दोषी हे आप की तबियत ज्यादा सोचने से ख़राब भी हो सकती है। लेकिन आप किसी भी बात को ज्यादा सोचना और उसी निर्नय से सोचना आप को आप को कही समस्या से बचाता है। और ये आप को सक्सेस फुल पर भी ले जाता है। लेकिन ये बात कही जगह पर लागु नहीं होती 'कही बार किसी चीज को लेकर इतने ज्यादा सोचने लगते है की हम उस उस चीज को लेकर तनाव में  आ जाते है,और जरूरत  से ज्यादा सोचना बीमारी का दूसरा रूप है  बोहत ज्यादा सोचना नशे की लत की तरह होता हे कुछ समय में वो मन पर राज करने लगता है और फिर आप की स्थिति समस्या और परिणाम चलतीही चली जाती है इसीलिए अपनी मस्तिक को बोहत ज्यादा भटका से रोकिये। 

आप का ईगो बोहत अधिमानिक बनता है। जो अधिक सोचने वाले लोग होते है दूसरा सोचता हे की वो बोहत अधिक घमंडी है मुझे लगता हे ये सिन्ड्रोल है और ऐसी सोच सिर्फ आप को और आप के प्रियजनिक  रिश्ते को खण्डर कर  सकती है,अगर आप बोहत ज्यादा सोचते हे तो निचित रूप से की आपकी कोई ठोस राय या विचार नहीं होगा।आसान बनाने के लिए आप अपने भीतर के संघर्ष को ना वशिख रूप से यातना देकर उनके जीवन को जटिल बनाते है ,हाला की सिर्फ आप और आप की समस्या है ,अपने दिल को अनदेखा करना /बोहत लोग होते हे की अधिक सोचने की कारण अभिक से विचार चलने लगते है और  सबके आद्याक  स्थान पर चलने पड़ते है  लगते इसीलिए इसे कोई फरक नहीं पड़ता की आपका दिल आपको कुछ बताने की कोशिश करा अगर आप पहिलियो की अगर आप सुलझा ने योकि बजाय अपने मन मे पैदा होने वाली सहेज ज्ञान को सुन्ना शु रु  देंगे तो आप का जीवन बोहत आसान है नई जीवन अनावश्यक समस्या पैदा करना ,अगर आप अपनी सोच रोज नई नई  प्रकार की अधिक से अधिक समस्या पैदा करता हे और अचानक से  हालाकि आपको एक दिन पूरा जीवन अपने आप में समस्या  पैदा करता हे. इस तरहा से बेहद खतरनाक हे अधिक सोचना हे या नहीं दोस्तों अतीत या काल्पनिक भविष्य में फसना बोहत अधीक सोचने पर या तो अतीत में फसकर रह जाते हे या फिर सोचमे आगे पड़ना आपको काल्पनिक भविष्य उलझा देता है    


या दूसरे शब्दों में हर जगह है लेकिन वर्तमान में नहीं है। ये बिलकुल भी सवस्थ नहीं हे इसे अभी बंद कर दीजिये दोस्तों बोहत अधिक सोचने में मतलब अपनी कीमती समय की बर्बादी हे इसके आलावा बोहत अधिक सोचना ये बुद्धि शीलता को भी रोग देता है। ये वेदनयानिक रिसर्च में पता चला है अधिक सोच रचमात्मक रोकती हे इसके बाद जरुरत से ज्यादा आत्मनिरीक्षण बुरा विचार है। दोस्तों अगर आप ज्यादा सोचने को निरिक्षण का बहाना बना के करते है  तो आप गलत है आपको दिक्कत का सामना करना आवश्यक है लेकिन आपको उन सभी बेकार की विशियोंको  तोड़ने की जरुरत है. जो शायद ही आतमक विश्लेषण में मदत कर रही है।


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