.dateHeader/>

हार्ट अटैक घरेलु उपाए बीमारी से मुक्ति पाये | FREEDOM FROM HEART ATTACK DIESEASE..??

    हेलो ,दोस्तों।           कोई भी व्यक्ति हार्ट अटैक से नहीं मरेगा।FREEDOM FROM HEART ATTACK

 हार्ट अटैक से छूट करा कैसे पाया जाये। हार्ट अटैक क्यू होता और कैसे होता ,आप ने तो सुना ही होगा हार्ट के बारे में ,पर आपको इसकी डीटेल नहीं पता होगी तो आप जानेगे हार्ट अटैक के बारे में. कोई भी वेक्ति हार्ट।  से नहीं मरेगा,इसे पड़ने के बाद। जान लीजिये हार्ट अटेक का सच नहीं तो पछताते रहोगे जिंदगी भर,.जिसे की आपका हार्ट अटक के बारे में अच्छे से समाज ले.

हार्ट अटैक की शुरुवात हमेशा आक्सिडिटी होती है। २ प्रकार की एसिडिटी होती है। १ पेट की एसिडिटी,और २ ,रक्त की एसिडिटी। जैसे की पेट की एसिडिटी बोहत ज्यादा बढ़ जाती है वो हमारे खून में मिल जाती है इसलिए खून गाड़ा हो जाता है जिसे हम रक्त अम्लता ब्लड एसिडिटी कहते है। और जब खून गड्डा हो जाता है तो हमियो खून दिल की नालियों मेसे निकल नहीं पाता हे इसलिए हमें हार्ट अटैक होता है ,जिसके बिना हमें हार्ट अटैक नहीं होता है। और यही आयुर्वेद का सबसे बड़ा सच है की कोई भी डॉक्टर आपको बताता नहीं है। हो गई हार्ट  अटैक की कहानी कैसे वेक्ति को रुध्य हार्ट अटैक होता है।

 दोस्तों किसी भी व्यक्ति को कोई भी बीमारी ,रोग ,होतो उस वक्ती को उपचार से पाहिले. बीमारी का कारण जरूर पता करना चाहिए. आखिर यह रोग मुझे क्यू हुआ हे. तो इसका क्या कारण हो सकता हे. तो इसलिए हम सबसे पाहिले हार्ट अटैक का कारण बता रहे हे. वो भीर आप को इसका उपचार बता रहे ताकि आप द्यान में रखे. ताकि आप जो भी उपचार करे वो जल्दी ही असर करे वो आपको हार्ट अटैक की समस्या से निकल जा सके. हार्ट अटैक की सुरुवात एसिडिटी से होती हे.

घरेलु इलाज। 

एसिडिटी सुरुवात अम्ब्ली चीजों का सेवन ज्यादा मात्रा में करते हे. तब ही हमारे शरीर में  अम्ब्ल बनाना,एसिडिटी बनाना शुरू होता हे, आपको मालूम हे. हमारे शरीर में दो प्रकार के तत्व होते हे. एक अम्ब्ल और दूसरा क्षार एम्ब्लिया और क्षारीय ये दोनों तत्व ही हमारे शिरिर  में होते हे. शरीर में सभी रोगो की शुरुवात अम्ब्ल और क्षार के अशंतुलन से होती हे.और इसके अशंतुलन सही रोग समाप्त भी हो जाते हे. मनुष्य के शरीर में 80 %क्षार तत्व और २० %अम्ब्ला तत्व होता है। इस अनुपात को बनायक रखना ही अच्छे स्वस्त का  आधार है एमब्लिक चीजों में सबसे ज्यादा अम्बालि चीजों में सबसे ज्यादा अम्ब्ला आओडीन युक्त नमक, चाय, कॉफी,मॉस ,अंडा ,तंबाखू ,रिफाइन ऑइल ,सफ़ेद शक्कर,इन सब चीजों को खाने से शरीर में अम्ब्ला बढ़ने लगता है। और फिर यही अम्ब्ला एसिडिटी जब हमारे शरीर में बढ़ने लगती हे तो हमें छोटी बड़ी बीमारियों का सामना करना पड़ता है। जैसे क़म्बर दुखना ,घुटने दुखना ,कन्धा दुखना ,कैंसर होना,शुगर होना,गठिया होना ,हार्ट अटैक होना,ब्रेन हैमरेज होना,शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ना ऐसे बड़े बड़े अस्सी वात रोग हमारे शरीर में आते है। तो दोस्तों जिसको भी हार्ट अटैक की समस्या हे तो वो भी कैंसर है तो भी वो पाहिले अपने खान पान  में देख लीजिये की वो कहा पर गलती कर रहे है। और फिर उसमे बदलाव करे। दोस्तों आप जैसे ही अपने खान पान  में बदलाव करेंगे आपको असर दिखना सुरु हो जायेगा बिना किसी भी दवाई के आपको असर दिखना शुरू हो जायेगा लेकिन धीरे धीरे असर होगा। तो आप जल्दीसे रोग को ठीक करना चाहते है तो सबसे पाहिले अपने खान पान में बदलाव करना पड़ेगा


याने जिन चीजोंसे शरीर में अम्बल बढ़ता है उन चीजोंको बंद करना पड़ेगा ,अगर आप खाने में आयोडीन मुक्त नमक खा रहे हे तो उसकी जगह आपको शिंदा  और काला नमक ही खाना है। शिंदा और काला नमक ही दोनोभी छाड़िया है। दोस्तों चाय से भी बहुत अधिक मात्रा में एसिडिटी  बनती  है।तो अगर चाय पीना आपकी जिंदगी में शुमार है और आप चाय के बगैर नहीं रह सकते तो में आपको बोहत अच्छी चीज बता रहा हु जिसे आपकी चाय की तलफ भी शान्त हो जाएगी और नुसकान भी नहीं करेंगी उसके लिए आपको बाजार से अर्जुन छाल लानी है और घर पर उसको कुट्ट पीस कर पाउडर बना लेना है। ये बोहत ही झाडिया है। अपने हार्ट के ब्लोकेस्ट को जल्दी दूर करती हे तो आप इसका इस्तमाल करीए कैसे करते है। . जबी आप चाय बनाते है और जब आप उसमे चाय पत्ती डालते हे उसमे यह आपको अर्जुन की छाल डालनी है। ज्यादा मात्रा में नहीं डाले थोड़ी ही मात्रा में डाले नहीं तो चाय कड़वी हो जाएगी उस हिसाब से डालें आप कितनी चाय बनाते हे और उसको खूब गरम कीजिये और फिर छान कर पि लीजिये आपको बिलकुल चाय के जैसे ही स्वाद आयेगा बिलकुल कलर ही चाय जैसा ही होगा बहुत ही हलकी सी चाय कड़वी लगेगी इतना तो करना पड़ेगा दोस्तों अगर आप पंधरा दिन तक पि लिया ९९ %आपकी बीमारी हट्ट जाएगी और ये दुबारा नहीं पायेगी।

      हार्ट अटैक वाले को कोनसा तेल खाना चाहिए

      अगर आप रिफाइंड ऑइल खा रहे है तो आप उसे तुरंत ही बंद कर दीजिये। सबसे अच्छा खाने में घाने का उत्तम  तेल है.आपके पास तेल हे मूंगफल्ली ,सरसो ,तेल निकाल व कर लाएंगे तो वो सबसे अच्छा तेल है ,अगर आप यह नहीं कर सकते तो रोक रिफाइन ऑइल तो मत खाये उसे अच्छा आप सरसो का तेल खाये ,या मूंगफली का तेल खहिए बाजार से खरीद कर। लेकिन रिफाइन ऑइल नहीं खाना है तो आप हार्ट अटैक से बच कर रहिये,

      पीपल पत्ता का उपाय। 

      पीपल के पंधरा पत्ते ले जो की कोमल हो.पते हरे भरी प्रकार विकसित हो उन प्रतिय पत्तो का निचे कुछ भाग कैची से काट कर अलग कर दे और फिर पते का बिच का भाग पानी से साफ करले इन एक गिलास पानी में धिनी आच पर बकने दे और जब पानी उबाल जाये। तब उसे ठंड करले और साफ कपडे से छान ले। उसे ठंडे स्तान पर रख दे बस दवा तयार हे. इस कड़े की एक कप भर ३ घंटे बाद पिटे रहे. ऐसे दिन में ३ बार लेते रहे. पेट थोड़ा भरा होना चाहिए। हार्ट अटैक के बाद कुछ दिन ये लेते रहे इसे आपको पूर्ण सस्त हो जाता हे. फिर दिल का दवरा पढ़ने की  का सभवना नहीं रहती. बस इतना करने से आपको कुछ नहीं होगा।


दोस्तों अगर आपको ये पोस्ट पढ़के अछि लगी  हो तो  कमेंट करे और शेयर करे।

दोस्तों साइट पर आने के लिए आपका खुप खुप आभार।










Previous Post
Next Post

post written by:

0 comments:

Kuchh Janna Hai To Yaha Search Kare